Top 10 Moral Stories in Hindi

Top 10 Moral Stories in Hindi : अगर आपको किस्से कहानियां पढ़ने का शौक है, तो यह Site सिर्फ आपके लिए है, यहाँ हम हर उम्र हर वर्ग के पाठको के लिए कहानियां का एक भंडार एकत्रतित करके लाएं है, आशा करते हैं आपको जरूर पसंद आएँगी. तो आज हम आपके लिए लाये हैं Top 10 Moral Stories in Hindi इसे आप अच्छे से पढ़िए तथा उससे ढेर सारी अच्छी अच्छी बातें सीखिए।

Top 10 Moral Stories in Hindi
Top 10 Moral Stories in Hindi

मेढ़क और सांप की कहानी

एक समय की बात है , एक घने जगल में पहाड़ी के पास एक सांप रहा करता था ,वह सांप अब बूढ़ा हो चूका था। और भोजन की तलाश में यहाँ – वहाँ घूम रहा था। अब उसने सोचा की मुझे बिना परियाश किये। जल्दी ही वह एक ऐसे तालाब के पास गया जहा बहुत ही सारे मेढ़क रहते थे।

और उदास मुँह बनाकर वहाँ बैठ गया ,और समय बीतता गया , एक मेढ़क जो की रोज सांप को देखा करता था ,उसे पूछने लगा – ” साहब आजकल आप शिकार नहीं करते। “

सांप बड़ी ही उदास आवाज में हाँ , मित्र मैने कल रात भूल से एक सेठ के बेटे को काट लिया था। और वह मर गया और उसने गुसे में मुझे सराप दिया , के तुम्हे अब पुरे जीवन ाअपने शिकार की सेवा करनी होगी।

और जो भी वह तुम्हे खाने को दे उसी पर तुम्हे अपना जीवन निर्वाह करना होगा ,इस्लिये में तुम्हारी सेवा करने यहाँ आया हूँ ,बहोत ही जल्दी यह कहानी मेढ़क के राजा के पास पोहची ,राजा खुद ही उस सांप के पास गया की क्या यह कहानी सच है ?

चालाक सांप ने, मेढ़क को पूरा विस्वाश दिला दिया। की वो जो कह रहा है वह बिलकुल सच है ,मेढ़क राजा बहुत ही खुश हुआ और जाकर उस सांप की पीठ पर बैठ गया , यह सब देख कर बाकी मेढ़क भी जाकर सांप की पीठ पर बैठ कर अपनी ख़ुशी जाकिर करने लगे।

और सांप को अपनी सफलता पर खुशी का टिकाना ना रहा। फिर अगले दिन सांप मेढ़क को अपनों पीठ पर बैठाकर धीरे – धीरे टहलने लगा ,तो एक मेढ़क ने आगे आकर सांप से पूछा दोस्त – ” तुम पहले की तरह तेज क्यों नहीं चलते। ” चालाक सांप ने उदाहरण दिया।

मेरे पास खाने को कुछ नहीं ,इस्लिये में कमजोर हो गया हूँ। तब राजा ने कहा की – ” जो सबसे छोटा मेढ़क तुम्हारी पीठ पर बैठा है तुम उसे खा लो .” सांप ने झट से उसे खा लिया। “

इस तरह रोज राजा और मेढ़क सांप की पीठ पर चढ़ते और राजा एक मेढ़क खाने को कह देता , ऐसे कई दिन बीत गए और सांप तालाब के सारे मेढ़क खा गया था।

और एक मेढ़क राजा को छोड़ कर , अगले दिन राजा ने सांप की पीठ पर घूमते हुए फिर से वही बात दोहराई। यह सुन कर सांप ने झट से राजा को खा लिया। Top 10 Moral Stories

सीख : हमें बिना सोचे समझे किसी भी कार्य को नहीं करना चाहिए।

Top 10 Moral Stories

Best 10 Moral Stories in Hindi
Top 10 Moral Stories in Hindi

Story Of the Frog and the Snake

Top 10 Moral Stories in Hindi : Once upon a time, a snake used to live near a hill in a dense forest, that snake was now old. And was roaming here and there in search of food. Now he thought without bothering me. Soon he went to a pond where many frogs lived.

And sat there with a sad face, and time passed, a frog who used to see the snake everyday, started asking him – “Sir, nowadays you do not hunt.”

Snake in a very sad voice Yes, friend, I had bitten a Seth’s son last night by mistake. And he died and he angrily cursed me, that now you will have to serve your victim for the rest of your life.

And whatever he gives you to eat, you will have to live on that, so I have come here to serve you, very soon this story reached the king of frogs, the king himself went to that snake whether this story This is the truth ?

Top 10 Moral Stories in Hindi

The clever snake made the frog believe completely. That what he is saying is absolutely true, the frog king was very happy and went and sat on the snake’s back, seeing all this, the other frogs also went and expressed their happiness by sitting on the snake’s back.

And the snake could not maintain its happiness on its success. Then the next day the snake started walking slowly by sitting the frog on its back, then a frog came forward and asked the snake friend – “Why don’t you walk as fast as before.” The clever snake gave an example.

I have nothing to eat, so I have become weak. Then the king said – “You eat the smallest frog that is sitting on your back.” The snake quickly ate it. ,

In this way everyday the king and the frogs would climb on the back of the snake and the king would ask to eat a frog, many days passed like this and the snake had eaten all the frogs in the pond.

And leaving a frog king, the next day the king again repeated the same thing while walking on the back of a snake. Hearing this, the snake quickly ate the king. Top 10 Moral Stories in Hindi Thanku .

Lesson: We should not do any work without thinking

Read More : पनीर और आलू की सब्जी Paneer and Potato Curry

Top 10 Moral Stories in Hindi:

नाविक और साहब

Top 10 Moral Stories in Hindi : बरसात के दिन थे नदी में पानी बहुत बढ़ा हुआ था ,नदी के घाट पर एक नाव लगी हुई थी, बेचारा गरीब नाविक एक मैला कपडा कमर पर लपेटे हुए था, उसके शरीर पर कुरता भी नही था, तभी एक व्यक्ति घाट पर आया ,वह कीमती कपडे पहने हुए था ,गले में सूंदर टाई बंधी हुई थी, और सिर पर कीमती टॉप लगाए हुए था ,देखने में पढ़ा -लिखा लग रहा था ,और अमीर भी था वह व्यक्ति अकड़कर बोला -“ऐ नाविक ,जल्दी नाव लगाओ। “

Top 10 Moral Stories in Hindi

नाविक ने नाव लगाई वह पढ़ा -लिखा व्यक्ति नाव में बैठ गया पानी में तैरती हुई नाव कुछ दूर बढ़ी। इन साहब ने नाक – भौह सिकोड़ते हुए नाविक से पूछा -“तुम कितने पढ़े लिखे हो ?”

नाविक बोला -” साहब ,में तो अनपढ़ हूँ। बचपन से नव चलाना ही सीखा है। “साहब ने मुँह बनाकर कहा -“नाव चलाना भी कुछ खास काम है ? तुम अंग्रेजी नहीं पढ़े न ही हिंदी पढ़े तुम्हरा सारा जीवन बेकार है। “नाव अब मझधार में आ गई थी अचानक अब नाव आगे बढ़ने से रुक गई थी

वह हिलने और चकर काटने लगी। नाव में पानी भरने लगा नाव डूबने का खतरा बढ़ गया तब नाविक चिलाया -“बाबू नाव डूबने लगी है। आप पढ़े -लिखे व्यक्ति ठहरे तैरना तो जानते ही होंगे। न जानते हो तो अंग्रेजी की पढ़ाई के बल पर ही नदी से बाहर आ जाओ। “

साहब ने समझ लिया की अब जान खतरे में है वह डर कर बोला – ” भैया नाविक -में तैरना नहीं जानता मुझे बचाओ। “नाविक हसकर बोला – “बाबू आप तैरना नहीं जानते हो तो आपका सारा जीवन बेकार है। “

साहब ” बचाओ ,बचाओ “की रट लगाए रहे। तभी नाविक छपाक से नदी में कूद गया वह बड़े परिश्रम से नाव को नदी के किनारे लाया साहब ने नाविक को धन्यवाद दिया और कहा -“भैया ,मुझे अपने पढ़े -लिखे होने का अंहकार था।

लेकिन हर जगह पर किताबो की पढ़ाई ही काम नहीं आती किसी भी विद्या का महत्व कम नहीं होता है। हमें अपनी विद्या पर अंहकार नहीं करना चाहिए, और दूसरों के काम की कभी भी हसीं नहीं उड़ानी चाहिये। “

Sailor and Gentleman

Top 10 Moral Stories in Hindi : It was a rainy day, the water in the river was very high, there was a boat on the ghat of the river. There was a beautiful tie tied around the neck and an expensive top was put on the head, he looked educated and was also rich.

Top 10 Moral Stories in Hindi
Top 10 Moral Stories in Hindi

The boatman put the boat, the educated person sat in the boat, the boat floating in the water moved some distance. Shrinking his nose and eyebrows, this sir asked the sailor – “How educated are you?”

The boatman said – “Sir, I am illiterate. I have learned to sail since childhood.” The boat was now in midstream, suddenly now the boat had stopped moving forward.

She started moving and spinning. When water started filling in the boat, the danger of sinking increased, then the boatman shouted – “Babu, the boat has started sinking. You are an educated person, you must know swimming. If you don’t know, then come out of the river only on the strength of English studies “

Sir understood that now his life is in danger, he said in fear – “Brother sailor – I do not know how to swim, save me.”

Sir, keep chanting “Save, save”. Only then the boatman jumped into the river with a splash, he brought the boat to the bank of the river with great effort, sir thanked the boatman and said – “Brother, I had the pride of being educated.

But everywhere the study of books does not work, the importance of any knowledge does not work. We should not be proud of our knowledge and should never laugh at the work of others. ,

Top 10 Moral Stories in Hindi

गरीब और अमीर की पढ़ाई

Top 10 Moral Stories in Hindi : चंदा नामक एक शहर था जहाँ एक स्कूल था जहाँ गरीब और अमीर दोनों ही तरह के बच्चे पढ़ते थे। विकाश नाम का एक गरीब बच्चा भी वहाँ पढता था। गरीब होने के बावजूद भी विकाश हर एक सब्जेक्ट में फस्ट आया करता था। जब टीचर उस बच्चे की सारी क्लास में प्रसंसा करती थी

गरीब और अमीर की पढ़ाई
Top 10 Moral Stories in Hindi

गरीब और अमीर की पढ़ाई

Top 10 Moral Stories in Hindi : तो अमीर बच्चे उस से बहुत चिढ़ते थे उन बच्चो में एक विक्की नाम का एक मॉनिटर भी था, जिसके माकश कभी भी विकाश से ज्यादा नहीं आये थे। इस्लिये उसे विकाश पर बहुत ही गुसा आता था। विकाश आये दिन लालटेन की रोशनी में पढाई किया करता था

विक्की अपने ऐ सी रूम में बैठकर लैपटॉप पर तरह तरह के विडिओ गेम देखता था , जैसे ही विक्की के माता पिता रूम में आता देखकर, किताब को उठा कर पढ़ने का नाटक करने लगता था ,फिर उसकी माता ने कहा की तुम कब तक ऐसे ही करते रहोगे हमने तुम्हे ये लैपटॉप इस्लिये दिया है की तुम कुछ अच्छा सिखो इस से

गेम खेलने के लिए नहीं फिर उसके पिता जी ने कहा की वो विकाश गरीब और घर में लाइट नहीं होने के कारण भी क्लास में हर सब्जेक्ट में फस्ट आता है, सभी बच्चो को उस की तरह ही पढाई करनी होगी। ये सब बात सुन कर विक्की को बहुत ही गुसा आने लगा .

और अगले दिन जब सारे बच्चे क्लास में टेबल के ऊपर फोन को रख कर कुछ वीडियो रिकॉड कर रहे थे , तभी वह विकाश आया, और जाने लगा तभी विक्की ने जोर से कहा – ” अरे औ बत्तमीज हम यहाँ वीडियो रेकॉड कर रहे है दिखता नहीं है क्या बीच में क्यों आ रहे हो ? “

तब विकाश ने कहा- ” की मैने देखा नहीं था , तब विकाश ने कहा- ” की ये कैसा वीडियो है ? में भी करू क्या ?तब विक्की ने कहा – ” की तुम करोगे क्या तुमने ये कभी देखा भी है ? ” ये इंस्ट्राग्राम है इसमें रील बनाते है, तुमने अपने कपडे देखे है क्या फटे पुराने है ? ” तुम्हे देख कर तो लोग उलटी कर देंगे .

तब विकाश ने कहा – ” हम तुम्हारी तरह अमीर नहीं है , पर मेरे पापा ने बहुत ही मेहनत करके मुझे ये सर्ट खरीद कर दी है, तब सभी बच्चे हसने लगे और कहा – ” की इसे भी कोई सर्ट कहते है ये तो हमारे घर को साफ करने के भी काम नहीं आएगी।

ऐसा कह कर सभी बच्चे वह से चले जाते है ,और अगले दिन उसके पापा ने सेकेण्ड हेंड फोन खरीद कर विकाश को दे दिया और जब वो क्लास में कुछ विडिओ रिकॉड कर रहा था , तब वहा विक्की वहाँ आ जाता है और कहता- यही ये घटिया फोन कहा से मिला तुम्हे तब विकाश ने कहा – ” ये मेरे पापा ने बहुत ही मेहनत कर के मुझे ये सेकेण्ड फोन दिया है.

और उसकी गरीबी का मजाक उड़ाते हुए कहने लगा की ये देखो मेरा आईपैड में इसके साथ ऑन लाइन क्लास लेता हूँ। तब विकाश ने कहा- ” की तुम मेरी गरीबी का मजाक मत उड़ाओ तब विक्की ने कहा – ” की में तुम्हारे जैसे रिक्शा चलाने वाले का बेटा नहीं हूँ में तो एक करोड़पति बाप का बेटा हूँ। और यह कह कर वह उसकी साइकिल में लात मारने लगा , तभी विकाश ने कहा – ” की विक्की तुम मेरी गरीबी का मजाक क्यों उड़ाते रहते हो ? “

ये सब वही खड़ी उनकी क्लास टीचर देख रही थी , और वहाँ टीचर आ जाती है, और विक्की से कहती है – “की में तुम्हारे पापा से ये सब कहूँगी ,की तुम स्कूल में गरीब बच्चे के साथ ऐशा करते हो, तभी विक्की ने कहा – ” नहीं मैंडम ऐसा नहीं करना नहीं तो मेरे पापा मुझे बहुत ही मारेंगे।”

तभी मैडम ने कहा – ” की एक सर्त पर में नहीं कहूँगी वो बोला क्या सर्त है ? ” मैडम ‘मैडम – विक्की कल से तुम विकाश की तरह कपड़े पहन कर स्कूल आओगे ,और साइकिल पर उसने कहा ठीक है मैडम ‘”. .

और अगले दिन क्लास में वह विक्की की तरह कपडे पहन कर स्कूल में आता है ,और तब मैडम ने सारी क्लास में कहा – ” की विक्की के पापा को बिजनेश में बहुत ही लॉस हो गया है वो अब गरीब हो गये है।”

क्लास में कुछ बच्चो ने उसे सहानभूति दी और चले गए। और कुछ दिन तक वह ऐसे ही स्कूल आता रहा और अमीर बच्चे उसकी गरीबी का मजाक उड़ाने लगे। वह उसे चिढ़ाते और उसके फटे कपड़े देख कर हॅसते अब विक्की को बहुत ही सर्मिंदगी होने लगी थी, पर विकाश से उसकी दोस्ती हो गयी थी।

अब यह सब देखकर उसके माता – पिता को बहुत ही खुशी हुई की उनका विक्की अब गरीब बच्चो का मजाक नहीं उडाता और अपनी पढाई भी अच्छे से करने लगा था ।

सीख : तो बच्चों हमें कभी भी किसी की गरीबी का मजाक नहीं उड़ाना चाहिए .

Study of Poor and Rich

Study of Poor and Rich
Best 10 Moral Stories in Hindi

Top 10 Moral Stories in Hindi : There was a town called Chanda where there was a school where both poor and rich children studied. A poor child named Vikash also studied there. Despite being poor, Vikash used to excel in every subject. When the teacher used to praise that child in the whole class

So the rich kids used to tease him a lot, those kids also had a monitor named Vicky whose eyes never came more than Vikas. That’s why he used to get very angry on Vikas. Vikash used to study in the light of lantern.

Vicky used to sit in his AC room and watch different types of video games on his laptop, as soon as Vicky’s parents came into the room, he used to pick up the book and pretend to read, then his mother said how long would you keep doing this You will stay, we have given you this laptop so that you learn something good from it.

Not to play games, then his father said that because of poor development and lack of light in the house, he excels in every subject in the class, all the children have to study like him. Vicky got very angry after hearing all this.

And the next day when all the children were recording some video by keeping the phone on the table in the class, then that Vikas came and started leaving, then Vicky said loudly, oh my gosh, we are recording the video here, don’t you see what is in the middle? why are you coming

Then Vikash said that I had not seen it, then Vikash said that what kind of video is this, should I also do it? Then Vicky said that you will, have you ever seen this? Are you old, people will vomit after seeing you

Then Vikash said that we are not as rich as you but my father bought me this shirt after working very hard, then all the children started laughing and said that this is also called a shirt, it is not even useful for cleaning our house. Will come I am not a son, I am the son of a millionaire father. And saying this, he started kicking his bicycle, then Vikash said, Vicky, why do you keep making fun of my poverty?

Her class teacher was standing there watching all this and the teacher comes there and tells Vicky that I will tell your father that you are having sex with a poor child in school, then Vicky said no madam, don’t do it. So my father will beat me a lot.

That’s why madam said that I will not say on one condition, he said what is the condition madam ‘Madam – Vicky from tomorrow you will come to school dressed like Vikash and on cycle he said ok madam’.

And the next day in the class he comes to school dressed like Vicky and then madam said in the whole class that Vicky’s father has suffered a lot of loss in business, now he has become poor.

Some kids in the class sympathized with him and left. And for some days he kept coming to school like this and the rich kids started making fun of his poverty. He used to tease her and laugh seeing her torn clothes, now Vicky was feeling very embarrassed but she had become friends with Vikash.

Now seeing all this, his parents were very happy that their Vicky no longer made fun of poor children and started doing his studies well.

Learning: So kids we should never make fun of someone’s poverty

Top 10 Moral Stories in Hindi

अस्तपताल में एक दिन

Top 10 Moral Stories in Hindi

Top 10 Moral Stories in Hindi: मेरा नाम चार्ली है में पाँचवी कक्षा में पढ़ता हूँ , में आप सब को अपने सबसे अच्छे दिन के बारे में बताने जा रहा हूँ। यह बात तब की है जब में तीसरी कक्षा में पढ़ता था , मैंने नए विद्यालय में दाखिला लिया था , में विद्यालय में जाने के लिए बहुत ही उत्सुक रहता था ,सुबह 7 बजे उठकर ,नहाकर अपना नाश्ता करता था .

माँ नाश्ते में मुझे मेरी पसन्द का आलू का पराठा देती थी, फिर में पापा के साथ विद्यालय जाता था , मेरा एक छोटा परिवार है जिसे में बहुत प्यार करता था। एक दिन जब में सुबह उठा तो माँ और पापा घर पर नहीं थे।

दादा जी ने मुझे नाश्ता करवाया और बताया- ” की माँ और पापा अस्पताल गये है ,” में थोड़ा डर गया और उस दिन मुझे अपने दोस्त गुरपिरत के पापा के साथ स्कूल जाना पड़ा। में पुरे दिन हैरान होता रहा की माँ और पापा अस्पताल क्यों गये है ?

आधी छूटी के दौरान पापा मुझे लेने आये हम दोनों बाजार गए और कुछ खिलौने और कपड़े लिये मैंने पापा से पूछा की हम खिलौने क्यों खरीद रहे है ? तब पापा ने मुझे बताया की हमारे घर में एक नई सदस्य जुड़ गई है, और हमारा परिवार अब बड़ा हो गया है.

आज तुम एक छोटी बहन के बड़े भी बन गए हो मेरी खुशी का ठिकाना न रहा ,में अपनी छोटी बहन को देकने के लिए उत्सुक हो रहा था अस्पताल जाकर मैंने देखा की माँ बेड पर लेटी हुई थी और दादी वही कुर्सी पर बैठी थी एक नर्स उनके पास खड़ी है और दवाई दे रही है

माँ खुश दिख रही थी। दादी की गोद में मेरी छोटी बहन थी मैंने उसे छूना चाहा पर नर्स ने कहा पहले हाथ धो के आओ। में और पापा हाथ धोने को गए मुझसे रुका नहीं जा रहा था में जल्द से जल्द उसके नए कपडे और खिलौने दिखाना चाहता था ,और उसके साथ खेलना चाहता था।

मैंने उसके छोटे छोटे हाथो को छूआ ,बहुत ही मुलायम हाथ थे उसके बाद में माँ के पास जाकर बैठ गया ,माँ ने मुझे पास बैठाया और कहा भैया छोटी बहन का क्या नाम रखना चाहते हो ?

में खुशी से फुला नहीं समा रहा था। की में बड़ा भाई बन चूका हूँ मैंने उछल कर कहा , “में इसे लिली कहूँगा। यह फूलों सी सुन्दर है ” और चार्ली की बात को सुनकर सभी लोग जोर -जोर से हसने लगे।

A Day in the Hospital

Top 10 Moral Stories in Hindi

Top 10 Moral Stories in Hindi : My name is Charlie, I read in fifth grade, I am going to tell you all about my best day. This happened when I was studying in class III, I had joined a new school, I used to be very eager to go to school, I used to wake up at 7 in the morning, take a bath and have my breakfast.

Mother used to give me my favorite potato paratha in breakfast, then I used to go to school with my father, I have a small family whom I loved very much. One day when I woke up in the morning, my mother and father were not at home.

Grandpa made me have breakfast and told that mom and dad have gone to the hospital. I got a little scared and that day I had to go to school with my friend Gurpirat’s father. I kept wondering the whole day that why did mom and dad go to the hospital?

During the half leave, father came to pick me up, we both went to the market and bought some toys and clothes. I asked father why are we buying toys? Then papa told me that a new member has joined our house and our family has become bigger now.

Today you have become elder of a younger sister too, my happiness knew no bounds. standing by and giving medicine

Mother was looking happy. My younger sister was in grandmother’s lap, I wanted to touch her but the nurse said come wash your hands first. I and my father went to wash my hands, I could not stop, I wanted to show her new clothes and toys as soon as possible, and wanted to play with her.

I touched her small hands, they were very soft hands, after that I went to mother and sat down, mother made me sit near her and said brother, what name do you want to name the younger sister?

I couldn’t contain my happiness. Because I have become a big brother, I jumped up and said, “I will call her Lily. She is as beautiful as a flower.” And everyone started laughing out loud listening to Charlie’s words.

Top 10 Moral Stories in Hindi

सांप और तोता

Top 10 Moral Stories in Hindi

Top 10 Moral Stories in Hindi : एक घने जगल के बीचो – बीच एक पेड़ पर एक तोते का परिवार रहता था ,मादा तोते ने घोंसले में अण्डे दिये थे। दोनों तोतो ने एक दूसरे से कहा – ” की बारिश का मौसम हो रहा है बारिश होने वाली है और हमें अपने बच्चो के लिये।”

खाना लाना चाहिए , दोनों तोते खाने की तलाश में उड़ गए। पेड़ से कुछ ही दुरी पर रहने वाले एक सांप ने उनकी बाते सुनी ,और अपने मन में सोचा की जब तक ये वापस आयेगे में इनके अण्डे चट कर जाऊगा।

वह सांप पेड़ पर चढ़ गया और रेंगता हुआ घोंसले के पास जा पहुँचा। उसने सेतानी नजरे उन अंडों पर डाली और खा गया। अपना खाना इकठा करे के बाद जब दोनों तोते वापस आये।

तो उन्हें अण्डे के टूटे हुए छिलके मिले ,दोनों ने रोना शुरू कर दिया तभी पास से एक बंदर फल खाता हुआ गुजर रहा था ,तोतो को रोता देख कर बंदर ने कहा – ” तुम्हे रोता देख बुरा लग रहा है। “

मुझे अपनी कहानी बताओ आखिर हुआ क्या है ?
उदास तोते ने रोते हुए जवाब दिया – ” की जब हम खाने की तलाश में घर से बाहर गए थे ,तो हमारे अंडों को उस फन वाले सांप ने खा लिया। “

तोतो की कहानी सुन कर बंदर उदास हुआ ,और उसने उस सांप से पूछा – ” की तुमने इनके अंडे क्यों खाये ? ‘ जो घोसले में थे। बड़े फन वाले साप ने बंदर को फुंकार मारी।

तुम्हारी इतनी हिम्मत – “अगर एक और बार सवाल पूछा , तो में तुम्हे ड़स लूगा । ” तोतो के साथ बंदर भी उदास होकर बैठ गया। बंदर को एक तरकीब सूझी और उसने कौए को बुलाया। “

काव – काव – ” उसने सारी बात कौए को बता दी , फिर कौए नव कहा – ” की रोज राजकुमारी नहाने से पहले ,अपना कीमती हार हो उतार देती है। ” क्या तुम वह कीमती हार को वहाँ से उठा लाओगे ?

और उस सांप के बिल में डाल दोगे , कौए ने हाँ हाँ भरी और कहा – ” की मुझे यह काम करके बहुत ही खुशी होगी।

क्योकि हमें इस दुस्ट सांप से छुटकारा मिल जायगा , काव – काव फिर वह कौआ महल की और उड़ चला ,और उसने देखा की राजकुमारी नहा रही है। पास ही एक टेबल पर उनका हीरो से जड़ा एक कीमती हार रखा है।

हीरो का हार उठाया और उसे लेकर सांप के बिल की और चल दिया। राजकुमारी की एक दासी ने ये सब देख लिया और उसने चिलाकर सैनिको को बताया – ” चोर कौआ – चोर कौआ , राजकुमारी हीरो का हार चुरा के ले गया। “

सैनिको दासी के चीख सुनी और कौवे के पीछे भाग चले। उन्होंने देखा की उसने वह हार सांप के बिल में डाल दिया है। और वह खुद उड़कर पेड़ की डाली पर बैठ गया।

और वह हार सीधे सांप के गले में जाकर अटक गया ,सैप बोला अरे वाह ,क्या सुन्दर हीरो का हार है ? सैनिको ने अपने भाले से सैप के बिल को तोड़ दिया ,और वह सांप बाहर आ गया सैनिको ने सांप से वह हार वापस देने को कहा – ” इस पर सैप ने उत्तर दिया – ” की यह मेरा हार है।

सांप ने कहा – ‘ जो पावत है,सो नाचत है , जो खोवत है सो रोवत है ना -ना ,और फिर सैनिको को इतना गुसा आया की उन्होंने अपने भाले से सांप को पीट -पीट कर मार डाला।

और वो हार ले लिया ,फिर तोतो , बंदर और कौए ने चैन की सास ली। और दोनों तोतो ने बंदर और कौवे का धन्यवाद किया ,और अपने बच्चो के साथ अपने घोंसले में खुशी खुशी रहने लगे।

हैलो दोस्तों तो आज हम लेकर आये है आपके लिए Top Ten Moral Stories in Hindi जो की बहुत ही अछि सीख देती है हमें और हमारे बच्चो के लिए इसे उनका मनोबल और नैतिक्ता का ज्ञान होता है।

सीख : इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है की हमें अपने दुश्मन का मिलकर सामना करना चाहिए। धन्यवा

Top 10 Moral Stories in Hindi

Snake and Parrot :

Best 10 Moral Stories in Hindi
Top 10 Moral Stories in Hindi

Top 10 Moral Stories in Hindi : A parrot family lived on a tree in the middle of a dense forest, the female parrot had laid eggs in the nest. Both the parrots said to each other that it is raining season, it is going to rain and we have to take care of our children.

Food should be brought, both the parrots flew away in search of food. A snake living just a short distance from the tree heard his words, and thought in his mind that by the time he comes back, I will lick his eggs.

That snake climbed the tree and crawled to the nest. He cast his devilish eyes on those eggs and ate them. When both the parrots came back after collecting their food.

So they found broken eggshells, both of them started crying, then a monkey was passing by eating fruit, seeing the parrot crying, the monkey said – “I feel bad seeing you crying.”

Tell me your story What happened?
The sad parrot replied crying – “When we went out of the house in search of food, our eggs were eaten by that hooded snake.”

The monkey was saddened to hear the parrot’s story, and asked the snake – “Why did you eat its eggs?”

You have so much courage – “If you ask the question one more time, I will bite you.” Along with the parrot, the monkey also sat down sadly. The monkey thought of an idea and called the crow. ,

Kaw-kaw -” He told the whole thing to the crow, then the crow said again -” Every day before taking bath the princess takes off her precious necklace. “Will you pick up that precious necklace from there?

And you will put it in that snake’s bill, the crow filled yes and said – “I will be very happy to do this work.

Because we will get rid of this dust snake, crow-crow, then the crow flew towards the palace, and he saw that the princess was taking a bath. A precious necklace studded with his hero is kept on a table nearby.

He picked up Hero’s necklace and went towards the snake’s hole with it. A maidservant of the princess saw all this and she shouted to the soldiers – “Thief crow – thief crow, the princess stole the hero’s necklace.”

The soldiers heard the screams of the maidservant and ran after the crow. They saw that he had put that necklace in the snake’s hole. And he himself flew and sat on the branch of the tree.

And that necklace went straight to the snake’s neck and got stuck, Sap said oh wow, what a beautiful hero’s necklace? Soldiers broke Sap’s bill with his spear, and that snake came out.

The snake said – ‘ The one who walks, dances, the one who loses, cries, and then the soldiers got so angry that they beat the snake to death with their spears.

And he took the necklace, then the parrot, the monkey and the crow heaved a sigh of relief. And both the parrots thanked the monkey and the crow, and started living happily in their nest with their children.

Hello friends, today we have brought Top Ten Moral Stories in Hindi for you, which teaches us a very good lesson and for our children, it is their knowledge of morale and morality.

Learning : We learn from this story that we should face our enemy together. Thank you

Top 10 Moral Stories in Hindi

बंदर और मगरमच्छ की कहानी

एक घने जंगल में एक नदी के किनारे एक बहुत ही बड़ा पेड़ था , उस पेड़ पर बुहत ही ज्यादा मीठे फल लगे थे , वही पास की नदी के किनारे में वो बंदर रहता था , बंदर वह फल भर पेट खाता और खुशी के साथ रहता।

Top 10 Moral Stories in Hindi

एक दिन कही से एक मगरमच्छ उस नदी में बह के आ जाता है, और उसी पेड़ के नीचे रहने लगता है. जहाँ बंदर रहता था। मगरमच्छ को देखकर पेड़ ने पूछा – “की तुम कौन ही भाई ? “

मगरमच्छ ने कहा – ” में मगरमच्छ हूँ। बहुत ही दूर से आया हूँ। “
और खाने की तलाश में युही घूम रहा हूँ। बंदर ने कहा यहाँ खाने की कोई कमी नहीं है।

इस पेड़ पर लाखो ही फल लगते है जो की बहुत ही मीठे होते है। इन्हे चख के देखो अच्छे लगे तो में और दे दूगा। जितने मर्जी खा लो ,यह बोलकर बंदर ने मगरमच्छ की और कुछ फल फेक दिए।

मगरमच्छ ने उन्हें खा के कहा – : ” की वाहः ये तो बहुत ही स्वादिस्ट है।” बंदर ने और भी ढेर सारे फल गिरा दिए , मगरमच्छ उन्हें भी चट कर गया और कहा – ‘ की कल फिर में आऊगा। “

तुम मुझे यह फल खिलाओगे ना , बंदर ने कहा – ” हा बिल्कुल तुम मेरे मेहमान हो। ” रोज आओ और जितने मर्जी फल खाओ , यह वादा कर मगरमच्छ वहाँ से चला गया।

और दूसरे दिन मगरमच्छ फिर वहाँ आया और ढेर सारे फल खाये ,और पुरे दिन बंदर के साथ गप – सप करता रहा ,और वहाँ से चला गया। बंदर अकेला था और एक दोस्त पाकर वह बहुत ही खुश था।

अब तो बंदर रोज आने लगा और दोनों भर पेट फल खाते ,और और ढेरो बातें करते। एक दिन यूही वे दोनों अपने – अपने घरों की बाते करने लगे ,और बातों ही बातों में बंदर ने कहा – ” की मगरमच्छ भाई में दुनिया मे अकेला हूँ। “

और तुम्हारे जेसा मित्र पाकर अपने आप की भाग्यशाली समझता हूँ ,और फेर मगरमच्छ ने कहा – ” की भाई में तो अकेला नहीं हूँ। “

घर में मेरी पत्नी है और नदी के उस पार हमारा घर है। बंदर ने फिर कहा – ” की तुमने पहले क्यों नहीं बताया की तुम्हारी पत्नी भी है ? में अपनी भाभी के लिए भी फल भेज देता।

मगरमच्छ ने कहा – ” की वह बड़े ही शोक ये यह मीठे और रसीले फल अपनी पत्नी के लिये ले जाएगा।” जब मगरमच्छ जाने लगा तो बंदर ने बहुत ही सारे मीठे फल उसकी पत्नी के लिए तोड़कर दिये।

और उस दिन मगरमच्छ बंदर की यह भेंट अपनी पत्नी के लिए ले गया , और मगरमच्छ की पत्नी को वह फल बहुत ही ज्यादा पसन्द आये और उसने मगरमच्छ से कहा – ” की वह रोज इसी तरह मीठे फल लाया करे।

और मगरमच्छ ने कहा – ” की वह कोशिश करेगा। ” धीरे – धीरे बंदर और मगरमच्छ में गहरी दोस्ती हो गयी। ” मगरमच्छ रोज की तरह बंदर से मिलने जाता और अपनी प्यारी पत्नी के लिए ढ़ेर सारे फल लाता।

मगरमच्छ की पत्नी को फल खाना अच्छा लगता था। पर अपने पति का देर से घर लौटना उसे पसंद नहीं था ,और वह उसे रोकना चाहती थी और उसने अपने पति मगरमच्छसे कहा – ” की तुम झूठे हो। ‘ भला मगरमच्छ और बंदर में कही दोस्ती हो सकती हैक्या ? “

मगरमच्छ तो बंदर को मार के खा जाते है।, मगरमच्छ ने कहा – ” की में सच बोल रहा हूँ। ” वह बंदर बहुत ही भला ही और हम दोनों एक दूसरे से बहुत ही प्यार करते है।

मेरा दोस्त रोज तुम्हारे लिए इतने सारे फल भेजता है ,बंदर मेरा दोस्त ना होता तो में तुम्हारे लिए इतने सारे फल कहा से लाता ,की में खुद तो पेड़ पर चढ़ नहीं सकता।

मगरमच्छ की पत्नी बहुत ही ज्यादा चालक थी ,और उसने सोचा की अगर वह बंदर रोज इतने मीठे फल खाता है तो उसका मांस भी कितना मीठा होगा ? यदि वह मिल जाये तो कितना मजा आ जाये।

यह सोचकर उसने मगरमच्छ से कहा – ” एक दिन तुम अपने दोस्त को घर ले आओ में उस से मिलना चाहती हूँ। ” मगरमच्छ कहा – नहीं – नहीं
यह नहीं हो सकता ,वह तो जमीन पर रहने वाला जानवर है।

पानी में तो डूब जाएगा। उसकी पत्नी ने कहा – ” की बंदर बहुत ही चालक होते है ,तुम उसे घर आने का न्योता तो दो। ” और वह यहाँ आने का कोई ना कोई तो रास्ता तो निकाल ही लेगा।

मगरमच्छ बंदर को न्योता नहीं देना चाहता था , मगर उसकी पत्नी रोज – रोज मगरमच्छ से पूछती की बंदर कब रहा है ?
मगरमच्छ कोई न कोई बहाना लगा देता जैसे – जैसे दिन गुजरते रहते मगरमच्छ की पत्नी की बंदर के मांस खाने के तीरवता बढ़ती ही जाती।

मगरमच्छ पत्नी ने एक तरकीब सोची और बीमारी का बहाना लगाया और ऐसे करने लगी की मानो उसे बहुत ही ज्यादा दर्द हो रहा हो , मगरमच्छ अपनी पत्नी की इस बीमारी से बहुत ही ज्यादा दुखी हुआ और बोला – “

की बताओ में तुम्हारे लिये क्या कर सकता हूँ ?
पत्नी बोली – ” में बहुत ही बीमार हूँ , वैद से पूछा तब वैद मुझे बताया की जब तक में एक बंदर का कलेजा नहीं खा लूगी।

तब तक में ठीक नहीं सकती ,मगरमच्छ बड़े ही चकित हो कर कहा -” बंदर का कलेजा ” मगरमच्छ की पत्नी ने बड़ी ही उदास आवाज से हा बंदर का कलेजा।

मगरमच्छ पत्नी कहा – ” अगर तुम चाहते हो में बच जाऊ। “
तो अपने दोस्त बंदर का कलेजा मुझे लाकर दो मगरमच्छ दुखी होकर कहा – ” यह भला कैसे कर सकता हूँ ?’

मेरा वही तो एक दोस्त है भला में उसे कैसे मार सकता हूँ। उसकी पत्नी – ” अच्छी बात है। ” अगर तुमको तुम्हारा दोस्त इतना ही प्यारा है। ” तो तुम उसी जाकर रहो ,तुम तो चाहते में मर जाऊ।

मगरमच्छ एक संकट में फस गया था और उसकी समझ आ रहा था क्या करे ? बंदर कलेजा लता है तो उसका प्यारा दोस्त मारा जाता है अगर नहीं लाता हिअ तो उसकी पत्नी मर जाएगी।

और मगरमच्छ रोने लगा और बोला – ” मेरा एक ही तो दोस्त है में उसे कैसे मारू उसकी पत्नी ने कहा – ” की क्या हुआ ? मगरमच्छ किसी ना किसी को मारते ही रहते है।

मगरमच्छ जोर जोर से रोने लगा उसकी बुद्धि काम नहीं कर रही थी ,पर इतना वह जरूर जानता था पति पत्नी की मदद करनी चाहिए। फिर उसने तय किया की वह अपनी पत्नी जीवन जैसे भी हो बचाएगा।

यह सोच कर वह अपने वह अपने दोस्त बंदर पास गया ,और बंदर अपने दोस्त मगरमच्छ की राह देख रहा था। उसे मगरमच्छ पूछा की इतनी देर कैसे ?

बंदर ने कहा – सब ठीक तो है ना मगरमच्छ ने कहा – “
आज मेरा और मेरी पत्नी का झगड़ा हो गया है। वह कहती है – तुम्हारा दोस्त नहीं हूँ। क्योकि ममैने तुम्हे अपने घर नहीं बुलाया है।

वह मिलना चाहती कहा है की में तुम्हे अपने साथ घर आउ अगर नहीं जाओगे तो वह मुझ से फिर लड़ेगी बंदर ने हस के कहा – ” बस इतनी सी बात है। ” में भाभी से मिलना चाहता था।

पर में पानी में कैसे चलूगा ? में तो पानी डूब जाऊगा मगरमच्छ ने कहा – उसकी चिन्ता मत करो ,में तुम्हे अपनी पीठ पर बैठाकर ले जाउगा ,बा बंदर राजी गया और मगरमच्छ पीठ पर बैठ गया।

नदी में आगे जाकर बीचो – बीच मगरमच्छ नदी के अंदर जाने को डुबकी लगाने वाला ही था की बंदर बोला – ” क्या कर रहे हो भाई ?अगर पानी में डुबकी लगाई तो में डूब जाऊगा।

मगरमच्छ कहा – ” में तो डुबकी लगाऊगा में तुम्हे यहाँ मारने ही हूँ। यह सुन कर बंदर संकट में पड़ गया। उसने कहा – क्यों भाई मुझे क्यों मारना चाहते हो ? मगरमच्छ ने कहा – की मेरी पत्नी बीमार है ,वैद उसको इलाज बताया है अगर वह बंदर का कलेजा खाएगी तो बच जाएगी।

यहाँ बंदर तो नाही में तुम्हारा कलेजा ही अपनी पत्नी को खिलाऊंगा। पहले बंदर गबरा गया और फिर उसने सोचा की चालाकी से ही अपनी जान बचाई जा सकती है।

बंदर कहा – ” मेरे दोस्त तुमने मुझे पहले यह बात क्यों बताई ? ” में भाभी बचाने के लिये अपना कलेजा खुशी खुशी दे देता। “पर वह तो पेड़ की डाली पर तगा है , हिफाजत के साथ वही पर रखता हूँ।

तुमने मुझे पहले बता दिया होता तो में उसे हिफाजत से साथ ले आता। मगरमच्छ कहा – यह बात है बंदर ने – ” हा तो मगरमच्छ ने कहा – ” जल्दी चलो कही मेरी पत्नी की बीमारी बढ़ ना जाये।

मगरमच्छव वापस पेड़ की तरफ बड़ी तेजी चलने लगा और नदी के किनारे जा पोहचा , किनारे पास जाकर बंदर पर छलांग लगायी और पेड़ पर चढ़ गया और उसने हसकर मगरमच्छ से कहा – ” जाओ मुर्ख अपने घर लोट जाओ।

अपनी दुस्ट पत्नी कहना की तुम दुनिया सबसे ज्यादा मुर्ख हो ,भला अपना कलेजा निकाल अलग रख सकता ?

मोरल : इस कहानी हमे यह सीख मिलती हमें कभी भी अपने दोस्त को धोखा नहीं देना चाहिए और अगर हम किसी संकट फस जाये तो हमें धैर्य साथ सोचना चाहिए।

Top 10 Moral Stories in Hindi

Story of Monkey And Crocodile

There was a very big tree on the bank of a river in a dense forest, there were many sweet fruits on that tree, there lived a monkey on the bank of the nearby river, the monkey used to eat fruits and live happily.

Top 10 Moral Stories in Hindi

One day a crocodile comes flowing in that river from somewhere, and starts living under the same tree. where the monkey lived. Seeing the crocodile, the tree asked – “Which brother are you?”

The crocodile said – “I am a crocodile. I have come from a long way.”
And roaming around in search of food. The monkey said there is no shortage of food here.

Millions of fruits grow on this tree, which are very sweet. Taste them and see if they are good, I will give more. By saying eat as much as you want, the monkey threw some more fruits at the crocodile.

The crocodile ate them and said – “Wow: this is very tasty.” The monkey dropped many more fruits, the crocodile licked them too and said – ‘I will come again tomorrow. ,

Won’t you feed me this fruit, said the monkey – “Yes, of course you are my guest.”

And the next day the crocodile again came there and ate a lot of fruits, and kept chatting with the monkey the whole day, and went away. The monkey was lonely and was very happy to have a friend.

Now the monkey started coming everyday and both used to eat fruits to their fill and used to talk a lot. One day both of them started talking about their homes, and in the same words the monkey said – “I am alone in the world among crocodile brothers.”

And I consider myself lucky to have a friend like you, and then the crocodile said – “Brother, I am not alone.”

My wife is at home and our house is on the other side of the river. The monkey again said – “Why didn’t you tell earlier that you have a wife too? I would have sent fruits for my sister-in-law as well.”

The crocodile said – “That he will take this sweet and juicy fruit for his wife.” When the crocodile started to leave, the monkey plucked many sweet fruits for his wife.

And that day the crocodile took the monkey’s gift to his wife, and the crocodile’s wife liked the fruit very much and asked the crocodile to bring sweet fruits like this everyday.

And the crocodile said – “That he will try.” Gradually, the monkey and the crocodile developed a deep friendship. The crocodile went to visit the monkey as usual and brought lots of fruits for his beloved wife.

The crocodile’s wife liked to eat fruits. But she did not like her husband returning home late, and she wanted to stop him and said to her husband crocodile – “You are a liar. ‘ Can there be friendship between a crocodile and a monkey?”

Crocodiles eat monkeys after killing them. The crocodile said – “I am telling the truth.” That monkey is very good and we both love each other very much.

My friend sends so many fruits for you everyday, if the monkey was not my friend, then from where would I have brought so many fruits for you, that I myself could not climb the tree.

Crocodile’s wife was very clever, and she thought that if that monkey eats so many sweet fruits everyday, then how sweet would its meat be? If he gets it, there will be so much fun.

Thinking of this she said to the crocodile – “One day you bring your friend home, I want to meet him.” The crocodile said – no – no
This cannot be, he is an animal living on the ground.

Will drown in water. His wife said – “Monkeys are very clever, at least invite him to come home.” And he will find some way or the other to come here.

The crocodile did not want to invite the monkey, but his wife everyday asked the crocodile when the monkey had been there.
The crocodile used to give one or the other excuse as the days passed by, the desire of the crocodile’s wife to eat monkey meat kept on increasing.

The crocodile’s wife thought of an idea and made an excuse of illness and started acting as if she was in a lot of pain, the crocodile was deeply saddened by this illness of his wife and said – “

Tell me what can I do for you?
The wife said – “I am very ill, asked the Vaid, then the Vaid told me that until I eat a monkey’s heart.

Till then I can't get well, the crocodile was very surprised and said -" monkey's heart" The crocodile's wife said with a very sad voice, yes monkey's heart.

Crocodile’s wife said – “If you want I can escape.”
So bring me the heart of your friend monkey. The crocodile said sadly – “How can I do this?”

He is my only friend, how can I kill him? His wife – ”Good point. “If your friend is so dear to you.” Then you go and stay there, you want to die.

The crocodile was caught in a crisis and he could not understand what to do. If the monkey brings the heart, his dear friend is killed, if he does not bring it, his wife will die.

And the crocodile started crying and said – “I have only one friend, how can I kill him?” His wife said – “What happened?” Crocodiles keep on killing one or the other.

The crocodile started crying loudly, his intelligence was not working, but he definitely knew that husband and wife should be helped. Then he decided that he would save his wife’s life no matter what.

Thinking of this, he went to his friend monkey, and the monkey was waiting for his friend crocodile. The crocodile asked him how is it so late

The monkey said – everything is fine, isn’t it? The crocodile said – “
Today I and my wife had a fight. She says – I am not your friend. Because Mama has not invited you to my house.

She wants to meet, said that I will come home with you, if you do not go, she will fight with me again. The monkey said with a smile – “That’s all.”

But how will I walk in the water? The crocodile said – don’t worry about it, I will take you sitting on my back, but the monkey agreed and sat on the crocodile’s back.

While going further into the river, the crocodile was about to dive into the river when the monkey said – “What are you doing brother? If I dive into the water, I will drown.”

The crocodile said – “I will dive, I will kill you here. Hearing this, the monkey was in trouble. He said – why brother, why do you want to kill me?” If she eats the liver of a monkey, she will be saved.

There is no monkey here, I will feed your heart to my wife. First the monkey got scared and then he thought that his life can be saved only by cleverness.

The monkey said – “My friend, why did you tell me this earlier?” I would have happily given my heart to save my sister-in-law. “But it is tied to the branch of the tree, I keep it there with safety.

If you had told me earlier, I would have taken him safely. The crocodile said – this is the matter, the monkey – “Yes, the crocodile said -” Come quickly, lest my wife’s illness increase.

The crocodile started walking back to the tree very fast and reached the bank of the river, near the bank, jumped on the monkey and climbed the tree and he smiled and said to the crocodile – “Go back to your home, you fool.”

Tell your bad wife that you are the biggest fool in the world, can you take out your heart and keep it separately?

Moral: In this story we learn that we should never cheat our friend and if we get into trouble then we should think patiently.

Top 10 Moral Stories in Hindi

शेर के गले में हड्डी

जंगल में एक बार एक शेर बड़े ही मजे से शिकार खा रहा था तभी वहाँ से दो सियार जा रहे थे , उन दोनों ने जब शेर को खाते देख उनके मुँह में भी पानी आ गया।

और दोनों एक दूसरे से कहने लगे या अपनी किस्मत तो शेर जैसी होनी चाहिए थे शेरनी शिकार कर के लाती है और शेर बड़े ही मजे से खाता है ,शेेर को हाथ पैर हिलानें की जरूरत ही नहीं है।

Top 10 Moral Stories in Hindi

बात तो सही कह रहे हो दोस्त अच्छा होता की इनका पेट भर जाता और हम खा लेते ,ऐसे तो ये जाने वाला है नहीं क्यों न में कोई तरकीब लगाऊ और सियार आगे की और बढ़ा और शेर से बोला – हे महाराज आप जिस हिरण को खा रहे थे वह कई दिनों से बीमार था और बेबश भी।

कही इसकी बीमारी आप को ना हो जाए। शेर बोला – क्या कहा बीमार और बेबश

अरे बाप रे – शेर बोला अरे फस गई अरे फस गई। सियार बोला – क्या फस गई ? महराज  शेर बोला – हड्डी हिरण की फस गई है मेरे गले में ,अरे सियार क्या सोच रहा है आके देख मेरे गले में और इसे जल्दी से बाहर निकाल।

मुझे बहुत ही पीड़ा हो रही है सियार दौड़ कर आया और शेर ने अपना मुँह खोला सियार अन्दर की और देखने लगा और बोला – महाराज बहुत ही बड़ी हड्डी है।

और आपके गले में फसी हुई है ,शेर बोला- ” अरे बाते मत बना जल्दी से इसे बाहर निकाल मुझे बहुत ही पीड़ा हो रही है। महाराज  माफ़ी चाहता हूँ , मेरा मुँह अंदर तक नहीं जा रहा है। में इसे कैसे निकालू ,आप से किसी वैद से निकलवा ले।

शेर वहाँ से उठा और वैद की तलाश करने लगा। उन दोनों सियार को मुँह मांगा मिल गया और मजे से हिरण को खाने लगे ,

शेर दर्द के कारण इधर – उधर वैद की तलाश कर ही रहा था की उसे एक बन्दर मिला और उसने उस बन्दर से कहा – की बन्दर मेरे गले में एक हड्डी फस गई है तू उसे निकाल दे।

बन्दर ने कहा – की वाह शेर महाराज मुझे खाने के लिए ऐसा कह रहे हो । शेर ने कहा – नहीं -नहीं ऐसा नहीं है मेरे गले में सच में बहुत दर्द हो रहा है ,तुम एक बार इसे निकाल दो में तुम्हे मालामाल कर दूगा।

पर बन्दर के मन में तो डर बैठ गया था , फिर बन्दर ने कहा – की महाराज आप नदी किनारे जाइए और वैद हँस से मिलिए ,वो आपकी हड्डी भी निकाल देंगे और आपका इलाज भी कर देंगे।

शेर ने कहा – हां – हां  में अभी जाता हूँ , शेर ढूढ़ते  – ढूंढ़ते हँस के पास गया और अपनी सारी बात हँस को बता दी ,हँस बोला  – महाराज आप चिन्ता मत कीजिए अगर आप के पेट में भी हड्डी फसी होती तो में उसे भी निकाल देता ये तो गले में ही है।

हँस ने कहा – शेर महाराज अपना मुँह खोलो और जैसे ही शेर ने अपना मुँह खोला हँस ने अपनी लम्बी चोंच से वो फसी हुई हड्डी को बाहर निकाल दिया। शेर को बड़ी ही राहत मिली ,और खाने के लिए कुछ दवाई भी दे दी।

और कहा – शेर महाराज गले में थोड़ा जख्म है दवाई से जल्दी ठीक हो जाएगा और आगे से हड्डी संभाल के खाना शेर ने कहा – हां – हां

भाई आपका बड़ा ही सुक्रिया अपने मुझे बड़ी ही परेशानी से बचा लिया।

और कहा – आपका एहसान में जिंदगी भर नहीं भूलुंगा ,आप मुझे अपना दोस्त मानिये और जब भी कभी मेरे जरुरत हो किसी को भेज देना , हँस ने कहा – ठीक है मेरे दोस्त जिसका दोस्त शेर हो भला उसका कोई क्या बिगाड़ सकता हैं ?

और शेर वहाँ से चल दिया। और थोड़ी देर बाद वो दोनों सियार वहा आ जाते है और हँस से कहते है – हँस जी हमारे पेट में बहुत ही दर्द हो रहा है और सहा नहीं जा रहा है ,

हँस ने कहा – की तुम दोनों ने क्या खाया था ? सियार ने कहा – हिरण का मांस खाया था ,हँस बोला –  ” क्या वो हिरण तो कई दिनों से बीमार था।”

सियार बोला क्या कहा अपने वह हिरण सच में बीमार था ?

हँस बोला क्या मतलब ?  सियार बोला – हमने तो उस शेर को उल्लू बनाने के लिए उस से ऐसा कहा था की वह हिरण बीमार है। ये तो अच्छा हुआ की उस के गले में हड्डी फस गई और वह वहाँ से चला गया।

लेकिन क्या अच्छा हुआ ? हमने जो कहा था वही सच हुआ ,उस बीमार हिरण के मांस ने हमें भी बीमार कर दिया। हँस ने कहा – कभी – कभी जब हम दूसरो का उल्लू बनाते है तो खुद ही उल्लू बन जाते है।

देखो अब लेने के देने पड़ गए हँस ने कहा – की में तुम्हारा इलाज कर दूगा पर आगे से ऐसा मत करना। हँस ने दोनों का इलाज किया और घर भेज दिया और कुछ दिनों के बाद वो दोनों सियार वापस हँस के पास आये और कहने लगे की – हँस जी हमारी सियारन बहुत ही बीमार है।

और आपके पास तक नहीं आ सकती आपसे निवेदन है की हमारे घर आ के उसका इलाज कर दे हँस उनके साथ चल पड़ा और कुछ दूर झाड़ी के पास जाकर सियार ने हँस से अन्दर जाने को कहा – और जैसे ही हँस अन्दर गया।

इतने में एक अजगर निकला और उस ने हँस को लपेटना शुरू करा दिया ,हँस समझ गया की उसके साथ धोखा हुआ है और वह मदद के लिए पुकारने लगा बचाओ – बचाओ।

शेर ने अपने दोस्त की आवाज पहचान ली और तेजी से दौड़ता हुआ वहाँ आ गया  और अजगर को आदेश दिया इसे छोड़ दे यह मेरा दोस्त है और अजगर ने उसे छोड़ दिया। और शेर से माफी मांगने लगा।

में ये नहीं जनता था की यह आपके दोस्त है में तो क्या मेरी जाति का कोई भी  इसे नहीं खाएगा ,शेर बोला भाई आप ठीक तो है ,हँस बोला – शेर भाई में तो आपकी कृपा से ठीक हूँ।

लेकिन वो दोनों सियार बहुत ही धोखे  – बाज है वह धोखे से मुझे यहाँ ले के आये और उसने आप से भी हिरण के बारे में झूठ कहा था। शेर बोला – अच्छा तो यह बात है – हे अजगर आप और आपका परिवार यह तय करे की उन दोनों सियार का क्या करना है ?

वह दोनों धोखे बाज है और धोखे बाजो को सजा मिलनी ही चाहिए अब में उन्हें तुम्हारे हवाले कर दूगा , अजगर ने कहा – आप उन्हें ले आये और शेर वहाँ से चला जाता है और उन दोनों सियारो को अपने साथ ले आता है।

फिर सांप अजगर और उसके परिवार ने उनकी अच्छे से खातिर दारी की और इस तरह सजन को सज्जनता का दुरजन को दुर्जनता का फल मिल गया

मोरल : इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है की हमें कभी भी किसी के बारे में झूठ नहीं बोलना चाहिए।

Top 10 Moral Stories in Hindi

Bone in Lion’s Neck

Once in the forest, a lion was eating its prey with great pleasure, then two jackals were passing by, when both of them saw the lion eating, their mouths also watered.

And both of them started saying to each other that their luck should have been like that of a lion, the lioness hunts and brings it and the lion eats it with great pleasure, the lion does not even need to move its hands and feet.

Top 10 Moral Stories in Hindi

You are right, friend, it would have been better if his stomach would have been full and we would have eaten, he is not going to go like this, why don’t I use some trick and the jackal went ahead and said to the lion – O king, the deer you eat He was ill for many days and also helpless.

Oh father, the lion said, oh, she got trapped, she got trapped. Jackal said – did you get trapped? Maharaj Sher said – The bone of deer is stuck in my throat, hey jackal, what is he thinking, come and see my throat and take it out quickly.

I am feeling very pain, the jackal came running and the lion opened his mouth, the jackal started looking inside and said – Maharaj, it is a very big bone.   ue to the pain, the lion was searching here and there for a doctor when he found a monkey and he told the monkey that a bone is stuck in my throat, you should remove it.

The monkey said – wow lion king, you are saying this to eat me. The lion said – No – No, it is not like that, my throat is really hurting, once you remove it, I will make you rich.

But fear was sitting in the monkey’s mind, then the monkey said – Maharaj, you go to the river bank and meet Vaid Hans, he will remove your bone and also treat you.

The lion said – yes – yes, I will go now, the lion went to the swan while searching and told everything to the swan, the swan said – don’t worry, Maharaj, if you had a bone stuck in your stomach, I would also He removes it, it is in the throat itself.

The swan said – Sher Maharaj, open your mouth and as soon as the lion opened its mouth, the swan took out the stuck bone with its long beak. The lion got great relief, and also gave some medicine to eat.

And said – Sher Maharaj has a little wound in the throat, it will be cured soon with medicine and eating the bone in front, the lion said – yes – yes

Thank you very much brother, you have saved me from a lot of trouble.

And said – I will not forget your favor for the rest of my life, you consider me as your friend and whenever you need me, send someone, laughingly said – ok my friend whose friend is a lion, what harm can anyone do to him?

And the lion left from there. And after a while both those jackals come there and say with a smile – Laughingly, our stomach is hurting a lot and we are not able to bear it.

Hans said – what did both of you eat? Jackal said – had eaten deer meat, laughed and said – “Was that deer sick for many days.”

The jackal said, did you say that deer was really sick?

What do you mean by laughing? The jackal said – We had told the lion that the deer was ill in order to fool it. It was good that a bone got stuck in his throat and he left.

But what happened? What we said came true, the meat of that sick deer made us sick too. Hans said – Sometimes when we make fool of others, we ourselves become fools.

Look, now you have to give to take. Hans said – I will treat you, but don’t do this from now on. Hans treated both of them and sent them home and after a few days both the jackals came back to Hans and said, Hans ji, our jackal is very sick.

And can’t even come near you, you are requested to come to our house and cure him. He walked with them smilingly and after going to the bush some distance away, the jackal laughed and asked to go inside – and as soon as he went inside he laughed.

Meanwhile, a dragon came out and started wrapping the swan, the swan understood that he had been cheated and started calling for help, save – save.

The lion recognized his friend’s voice and came there running fast and ordered the python to leave it, this is my friend and the python left it. And started apologizing to the lion.

I did not know that this is your friend, so will no one from my caste eat it, lion said brother, you are fine, laughed and said – Lion brother, I am fine by your grace.

But both of those jackals are very deceitful, they brought me here by deceit and lied to you about the deer. The lion said – Well, this is the thing – O dragon, you and your family should decide what to do with those two jackals?

Both of them are cheaters and cheaters must be punished, now I will hand them over to you, the python said – you brought them and the lion goes from there and brings those two jackals with him.

Then the snake python and his family did good work for their sake and in this way the gentleman got the result of kindness and the wicked got the result of wickedness.

Moral: This story teaches us that we should never lie about anyone.

Top 10 Moral Stories in Hindi

नई गुल्लक

Top 10 Moral Stories in Hindi

रविवार को राधा की गुड़िया की शादी थी , वह कई  महीनो से गुल्लक में पैसे जमा कर रही थी वह बार -बार गुल्लक उछालती और उसकी खन -खन सुनकर खुश होती   राधा ने अपनी गुल्लक अपनी माँ की संदूक में रखवा रखी थी

गुल्लक दिन में कई बार निकाली जाती और रखी जाती राधा रोज दिन गिनती अब गुड़िया की शादी में सात दिन बचे है  -अब छः अब पॉँच ……

राधा एक दिन स्कूल में जल्दी चली जाती है उसकी सहेली अनु  कक्षा में बैठी रो रही थी रात बारिश में अनु के घर की छत टपकती रही उसका बस्ता गिला हो गया था साडी कॉपी किताबे गल गई थी अनु के माँ के पास किताबो के लिये पैसे भी नहीं थे

राधा ने सोचा मुझे अनु की मदद करनी चाहिए मेरे पास गुल्लक के ढेर सारे पैसे है अगर गुड़िया की शादी ना करू तो…….. . .

उस शाम  राधा ने माँ से गुल्लक ली। उसे तोड़कर पैसे निकाले और गिनने लगी ” अरे वाह -ये तो 110 रुपए है “. राधा ने खुशी से कहा।

” राधा तुमने आज ही गुल्ल

क क्यों तोड़ी ?” माँ ने पूछा राधा ने अपनी माँ को सारी बात बता दी माँ तभी बाजार गई और नई किताब और कॉपी ,एक बस्ता भी ले आई। अपनी सहेली के लिए आई कॉपी -किताबो को देखकर राधा बहुत ही खुश हुई। माँ से लिपटते हुए बोली ,”मम्मी आप कितनी अच्छी है “नई  कॉपी किताबे पाकर अनु कितनी खुश होगी।

आप तो उसके लिये नया बस्ता भी ले आई “.माँ ने थैले में हाथ डालते हुए कहा , “राधा ,में तुम्हारे लिए भी एक चीज लाई हूँ। राधा ने देखा  – माँ के हाथ में एक रंगीन नई गुल्लक थीं  .

मोरल : इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है यदि हमारे पास पैसे है तो हमें दूसरो की मदद करनी चाहिए। राधा एक अच्छी और समझदार लड़की है हम सभी को राधा की तरह दूसरो की मदद करनी चाहिए। धन्यवाद

Top 10 Moral Stories in Hindi

New Piggy Bank

Top 10 Moral Stories in Hindi

Radha’s doll was married on Sunday. She had been saving money in the piggy bank for many months.

The piggy bank is taken out and kept several times a day Radha counts the days every day, now there are seven days left for Gudiya’s wedding – now six, now five……

Radha goes to school early one day, her friend Anu was crying in the class, the roof of Anu’s house kept leaking during the night, her school bag was wet, her saree, copy books were melted, Anu’s mother also had money for books. were not

Radha thought I should help Anu, I have a lot of money in my piggy bank, if I don’t marry Gudiya then…….. . ,

That evening Radha took a piggy bank from her mother. Took out the money by breaking it and started counting “Oh wow – this is 110 rupees”. Radha said happily.

Radha, you have given birth today

Why did you break it?” Mother asked. Radha told her mother everything. Then mother went to the market and brought a new book and copy, also a bag. Radha was very happy to see the copy-books for her friend. Mother Hugging her, she said, “Mummy you are so nice.” Anu will be so happy to get new copy books.

You even brought a new bag for him”. Mother putting her hand in the bag said, “Radha, I have brought one thing for you too. Radha saw – there was a colorful new piggy bank in mother’s hand.

Moral: We learn from this story that if we have money then we should help others. Radha is a good and understanding girl, we all should help others like Radha. Thank you

Top 10 Moral Stories in Hindi

पेड़ का त्याग

Top 10 Moral Stories in Hindi

एक समय की बात है एक घने जंगल में एक आम का पेड़ था और वहीं पास में एक छोटा – सा गांव था। उसी गांव का एक सोनू नाम का लड़का उस आम के पेड़ के पास आकर खेलता था।

वह सोनू उस पेड़ के पास खेलता और उस पर चढ़ता ,आम खाता और कुछ देर आराम करता था। सोनू को भी आम के साथ खेलना अच्छा लगता और पेड़ भी उसे देख कर खुश होता था।

और कुछ दिनों तक सोनू उस पेड़ के पास नहीं गया और उस पेड़ को सोनू की याद आ रही थी एक दिन सोनू उस पेड़ के पास गया और पेड़ बोला – सोनू बेटे यौम आजकल यहाँ खेलने क्यों नहीं आते हो।

सोनू बोला में अब बड़ा हो गया हूँ और पेड़ के साथ मुझे खेलना अच्छा नहीं लगता यही मुझे पैसे चाहिए ,जिसे में नए नए खिलौने खरीद सकू , पेड़ बोला – मेरे पास पैसे नहीं है।

पेड़ ने कहा – तुम मेरे फल ले लो और उन्हें बाजार में जाकर बेचो और पैसे कमाओ , सोनू ने कहा – सच में हां – हां सोनू ने उस पेड़ से आम तोड़े और वहाँ से चला गया।

लेकिन बहुत ही दिनों तक सोनू वापस आम के पेड़ के पास नहीं आया , ऐसे ही समय गुजरता रहा पेड़ बहुत ही उदास रहने लगा था , एक कुछ सालो बाद सोनू वापस उस आम के पेड़ के पास आया। लेकिन अब वह बच्चा नहीं रहा था अब वह बड़ा आदमी बन गया था।

आम का पेड़ सोनू को देख कर बहुत ही खुश हुआ , और कहा – की क्या तुम मेरे साथ खेल सकते हो ? सोनू बोला – मुझे तुम्हारे साथ नहीं खेलना अब में बड़ा हो गया हूँ।

और मेरा एक परिवार है मुझे अपने परिवार के लिए कुछ पैसे चाहिए जिससे में एक घर बना सकू क्या तुम मुझे दे सकते हो ? पेड़ बोला माफ़ करना बेटा मेरे पास पैसे नहीं है

पर तुम मेरी साखाये तोड़ के अपना घर बना सकते हो , और सोनू ने एक – एक कर उस पेड़ की सभी साखाये तोड़ दी। और सभी को ले कर वहाँ से खुशी – खुशी चला गया।

अपनी साखाये टूटने के बाद भी वह आम का पेड़ खुश था। लेकिन सोनू फिर वहाँ नहीं आया। और फिर आम का पेड़ का बेचारा बहुत ही दुःखी हुआ। और कुछ सालो के बाद गर्मियों के दिनों में सोनू फिर वहाँ वापस आया।

पेड़ बहुत ही खुश हुआ और कहा – आओ बेटा मेरे साथ खेलो , सोनू बोला नहीं अब में बूढ़ा हो गया हूँ और आराम से जीना चाहता हूँ और अब मुझे नौकायन के लिए तुम्हारा बोट चाहिए क्या तुम मझे दे सकते हो ?

पेड़ बोला – मेरे दिमाक का इस्तमाल करो और नौकायन बनाओ और खुशी के साथ रहो ,और फिर क्या था सोनू ने उस पेड़ का तना भी काट लिया। और उस से एक बोट बनाई और नौकायन को चला गया।

और फिर कई सालो तक वह वापस नहीं आया ऐसे ही कुछ साल और बीत गए आखिर एक दिन सोनू वहाँ वापस आया। सोनू को देख पेड़ बोला – मुझे माफ़ करना बेटा अब तुम्हे देने के लिए मेरे पास कुछ नहीं बचा है आम तो कभी के ख़तम हो गए।

सोनू बोला – कोई बात नहीं ,अब मेरे दाँत भी तो नहीं है आम खाने के लिए। पेड़ बोला – अब सखाये भी तो नहीं है खेलने के लिए ,सोनू बोला अब में बूढ़ा हो गया हूँ में साखायो पर चढ़ भी नहीं सकता।

पेड़ बोला – अब सच में मेरे पास कुछ भी नहीं है तुम्हे देने के लिए बस अब येआम की जड़ ही है मेरे जीने के लिए और रोने लगा।

सोनू बोला – अब मुझे किसी भी चीज की जरुरत नहीं है , अब में थक गया हूँ बस आराम करना चाहता हूँ। पेड़ बोला – ” की अब ये जड़े ही है बस अब तुम इन पर ही बैठ कर आराम करो। ” और सोनू उस पर बैठ गया।

और पेड़ रोने लगा अब पेड़ और सोनू दोनों एक साथ थे।

मोरल : यह कहानी हमारे दिलो को छूने वाली है इसमें हमने देखा की एक पेड़ कैसे एक व्यक्ति को बस कुछ ना कुछ देता ही रहता है और व्यक्ति बस लेता ही रहता है कभी फल कभी फूल ,लकड़ी आदि ,तो दोस्तों हमे पेड़ को काटने से बचाना चाहिए और हो सके तो पेड़ को लगाए। पेड़ है तो जीवन है पेड़ नहीं तो हम नहीं पेड़ो से हमें ऑक्सीजन मिलती है यह हमारे लिए बहुत ही जरुरी है। धन्यवाद

Top 10 Moral Stories in Hindi

Tree Sacrifice

Once upon a time there was a mango tree in a dense forest and there was a small village nearby. A boy named Sonu from the same village used to come and play near that mango tree.

That Sonu used to play near that tree and climb it, eat mangoes and rest for some time. Sonu also liked to play with the mango and the tree was also happy to see it.

Top 10 Moral Stories in Hindi

And for some days Sonu did not go near that tree and that tree was missing Sonu. One day Sonu went near that tree and the tree said – Sonu son, why don’t you come here to play these days.

Sonu said I have grown up now and I do not like to play with the tree, that is why I need money, so that I can buy new toys, the tree said – I do not have money.

The tree said – You take my fruits and sell them in the market and earn money, Sonu said – Really yes – Yes Sonu plucked mangoes from that tree and left.

But Sonu did not come back to the mango tree for a long time, as time passed the tree was very sad, after a few years Sonu came back to that mango tree. But he was no longer a child, now he had become a grown man.

The mango tree was very happy to see Sonu, and said – can you play with me? Sonu said – I don’t want to play with you, now I have grown up.

and i have a family i need some money for my family so that i can build a house can you give me tree said sorry son i don’t have money

But you can build your house by breaking my branches, and Sonu broke all the branches of that tree one by one. And took everyone and left happily from there.

That mango tree was happy even after its branches were broken. But Sonu did not come there again. And then the poor mango tree felt very sad. And after a few years, Sonu again came back there during the summer.

The tree was very happy and said – Come son play with me, Sonu said no, now I am old and want to live comfortably and now I need your boat for sailing, can you give it to me?

The tree said – Use my mind and make a boat and live happily, and then what was there, Sonu cut the stem of that tree too. And made a boat out of it and went sailing.

And then he did not come back for many years, like this a few more years passed, finally one day Sonu came back there. Seeing Sonu, the tree said – I am sorry son, now I have nothing left to give you, the mangoes are over.

Sonu said – No problem, now I don’t even have teeth to eat mangoes. The tree said – Now I don’t even have friends to play with, Sonu said, now I have become old, I can’t even climb on friends.

The tree said – Now really I have nothing to give you, now only the root of yam is there for me to live and started crying.

Sonu said – Now I don’t need anything, now I am tired, just want to rest. The tree said – “Now these are the roots, now you just sit on them and rest.” And Sonu sat on it.

And the tree started crying, now both the tree and Sonu were together.

Moral: This story is going to touch our hearts, in this we have seen how a tree keeps on giving something to a person and the person just keeps on taking fruits, sometimes flowers, wood etc. So friends, we should stop cutting the tree. Should be saved and if possible plant a tree. If there is a tree then there is life, if there is no tree then we are not, we get oxygen from the trees, it is very important for us. Thank you

Top 10 Moral Stories in Hindi

चतुर मुर्गा

एक समय की बात है घने जंगल में एक बहुत ही चालक लोमड़ी रहती थी , वह भोजन की तलाश में दूसरे जानवरो को अपना दोस्त बनाया करती थी और जैसे ही उसे मौका मिलता वह उन्हें खा जाती थी इसी कारण दूसरे जानवर उससे दूर रहते थे।

और एक दिन उसे कही भी शिकार नहीं मिला और वह भूख से तड़पती हुई और घूमते – घूमते उसकी नजर एक पेड़ पर बैठे हुए मुर्गे पर पड़ी उस मुर्गे को देखकर वह सोचने लगी की कितना मोटा और तंदूरस्त मुर्गा है।

अगर यह मुझे मिल जाये तो कितना अच्छा होगा मेरी तो दावत हो जाएगी ,अब उस चालक लोमड़ी को सबर नहीं हो रहा था उसका लालच बढ़ता ही जा रहा था वह उसे जल्दी खाना चाहती थी ,पर वह मुर्गा पेड़ से नीचे नहीं उतर रहा था।

फिर उसने एक तरकीब सोची उसे नीचे लाने की और उस मुर्गे से कहने लगी – अरे ओ मुर्गे भाई क्या तुम्हे एक बात पता चली है ? एक खुश खबरी मिली है पुरे जगल को ,मुर्गे ने कहा कैसी खुश खबरी ?

चालक लोमड़ी बोली – की कल रात आकाशवाणी हुई है की कोई भी जानवर दूसरे जानवर को नहीं खाएगा इस जगल में और सभी जानवर मिल जुल कर रहेगे ,और एक दूसरे की मदद करेंगे।

मुर्गा चालक था वह समझ गया था की यह लोमड़ी उस से झूठ बोल रही है। और वह उस की बात में नहीं आया और मुर्गे ने कहा – ” की यह तो अच्छी बात है पर इसमें में क्या कर सकता हूँ ? “

लोमड़ी मुर्गे को ऐसे बोलता देख कर बोली – अरे ओ मुर्गे भाई जरा नीचे तो आओ दोनों एक दूसरे को गले लगाकर बधाई तो दे ,और साथ में खुशिया बाटे मुर्गा बोला – ठीक है मेरी बहना पहले उन दोस्तों से तो बधाई ले लो जो

इस तरफ भागे चले आ रहे है मुझे पेड़ से दिख रहे है वो लोमड़ी बोली – मेरे कौन से दोस्त ? मुर्गा बोला – अरे मेरी बहना ,वही शिकारी कुत्ते वो भी तो हमारे दोस्त है ना वो भी सायद तुम्हे बधाई देने के लिए इसी रास्ते से आ रहे है।

यह बात सुनते ही लोमड़ी थर थर कांपने लगी ,और सोचने लगी की यह मुर्गा भले ही उसका भोजन बने ना बने पर वह थोड़ी देर और वहां रूकी तो उन शिकारी कुत्तो का भोजन जरूर बन जायगी

इसलिए उसने अपनी जान बचाना जरुरी समझा और वहाँ से भाग गई भागती हुई लोमड़ी से मुर्गे ने कहा – अरी ओ बहना कहाँ भाग रही हो ? अब तो हम सब दोस्त है ना लोमड़ी बोली – ” हां भाई दोस्त है। ” लेकिन शिकारी कुतो को ये खबर अभी तक नहीं मिली।

और यह कहते हुए लोमड़ी जगल से गायब हो गई।

मोरल : इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है की हमें चालक और धूर्त लोगो से सावधान रहना चाहिए और चतुराई से काम लेना चाहिये। धन्यवाद

Top 10 Moral Stories in Hindi

Smart Cock

Once upon a time there lived a very cunning fox in a dense forest, she used to befriend other animals in search of food and eat them as soon as she got a chance, that’s why other animals stayed away from her.

And one day she couldn’t find prey anywhere and she was suffering from hunger and while roaming around, her eyes fell on the cock sitting on a tree, she started thinking how fat and healthy the cock is.

If I get this, how good it will be, I will have a feast, now that driver fox was not having patience, her greed was increasing, she wanted to eat it quickly, but that rooster was not coming down from the tree.

Then she thought of a trick to bring him down and started saying to that chicken – Hey chicken brother, have you come to know one thing? The whole forest has got a good news, the chicken said what kind of good news?

The driver fox said – last night it has been said in the sky that no animal will eat another animal in this forest and all the animals will live together and help each other.

The rooster was the driver, he understood that this fox was lying to him. And that didn’t come to his mind and the chicken said – “That’s a good thing, but what can I do about it?”

Seeing the chicken talking like this, the fox said – Hey, chicken brother, come down, both of them hug each other and congratulate, and together they share happiness, the chicken said – Ok my sister, first take congratulations from those friends who

They are coming running in this direction, I can see them from the tree. The fox said – who are my friends? The rooster said – Oh my sister, the same hunting dog is also our friend, isn’t he, he is also coming from this way to congratulate you.

On hearing this, the fox started trembling, and started thinking that this cock may not become its food, but if it stays there for a while, it will definitely become the food of those hunting dogs.

That’s why she thought it necessary to save her life and ran away from there. The chicken said to the running fox – Oh sister, where are you running? Now we are all friends, isn’t the fox said – “Yes brothers are friends.” But the hunting dogs have not received this news yet.

And saying this, the fox disappeared from the forest.

Moral: We learn from this story that we should be careful of cunning and cunning people and should act cleverly. Thank you

Leave a Comment